OMG ! बना दिया वैज्ञानिकों ने डार्क मेटर का नक्शा, जाने क्या मिली नई जानकारियां?

हमारा सम्पूर्ण ब्रह्माण्ड का लगभग 85 प्रतिशत डार्क मेटर से बना हुआ है। है न, कितनी विचित्र बात यानी हम जो कुछ भी अपनी इन आँखों से देखते हैं वह सब मेटर यानी एटम के द्वारा बना हुआ है तो क्या आप जानते हैं इस ब्रह्माण्ड में जो अरबों खरबों तारे हैं न जाने कितने सौर मंडल हैं जिनमे कितने ही ग्रह और उनके उपग्रह हैं फिर छुद्र ग्रह भी न जाने कितने हैं जोकि सब मेटर यानी एटम के द्वारा ही बने हैं लेकिन फिर भी यह सिर्फ ब्रह्माण्ड का 5 प्रतिशत से भी कम है।

कैसा होगा डार्क मेटर अलग-अलग विचार

डार्क मेटर कैसा होगा और किन कणों का बना होगा, इसके लिए वैज्ञानिकों के अलग-अलग मत हैं, और अलग-अलग विचार हैं आज सबसे ठोस विचार जो सामने आया है उसके अनुसार डार्क मेटर बहुत ही ज्यादा हलके कणों एक्सिऑन से बना हुआ हो सकता है। इसके अलावा कुछ वैज्ञानिक का मानना है कि यह बहुत ही कमजोरअंतर-क्रिया करने वाले कण होते हैं जिन्हे उन्होंने वीकली इंटरैक्टिव मासिव पार्टिकल (WIMP ) यह वैज्ञानिकों के अनुसार बहुत बड़े कण होने चाहिए जो विद्द्युत चुंबकीय फील्ड से कोई भी रिएक्शन नहीं करते।

Dark matter 3D map
Dark matter 3D map

AI के उपयोग से बनाया नक्शा

शोधकर्ताओं ने डार्क मेटर के इस नक़्शे को AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रयोग करते हुए बनाया है। इसके लिए उन्होंने मशीन लर्निंग प्रोग्राम को स्थानीय ब्रह्माण्ड में पाए जाने वाले मेटर और डार्क मेटर को हज़ारों कंप्यूटर सिम्युलेशन्स से प्रशिक्षित किया जिसमे कंप्यूटर एक बहुत विशाल मात्रा में आंकड़ों के समहुओं में से कुछ ख़ास तरह के पैटर्न को चुनता है जिससे एक मॉडल तैयार होता है फिर शोधकर्ता इसमें वास्तविक आंखों को फिरत करते हैं और इससे नक्शा तैयार होता है।

डार्क मेटर से पता चलेगा कैसे बनती हैं आकाशगंगाएं

हमारा ब्रह्माण्ड बहुत ही विचित्र है और रोज नए नए रहस्य इसके सामने आते ही रहते हैं। वैज्ञानिक आज तक नहीं समझ पाए हैं कि किस प्रकार ब्रह्माण्ड में इतनी बड़ी-बड़ी आकाशगंगाओं का निर्माण हुआ है और कौन से बल इसके लिए किस तरह से उत्तरदायी हैं। अगर हमें डार्क मेटर को समझने में सफलता मिल गयी तो हम आकाश गंगाओं कि संरचना और इसके निर्माण के बारे में जान पाएंगे। इसके अलावा शायद ब्रह्माण्ड को हमारे देखने का नजरिया ही विकुल बदल जाए।

एक आकाशगंगा ऐसी भी जहाँ डार्क मेटर की मात्रा शून्य

अभी हाल में वैज्ञानिकों को ऐसी आकाशगंगा मिली है जिसमे डार्क मेटर की उपस्तिथि बिल्कुल शून्य है और यह देखकर वह हैरान रह गए। इस आकाशगंगा को वैज्ञानिकों ने एनजीसी 1052 – डीएफ 2 नाम दिया है और अल्ट्रा डिफ्यूज ग्लैक्सी वर्ग में रखा ह। इस वर्ग में उन ग्लैक्सी को रखा जाता है जिनकी प्रतिदीप्ति बहुत कम होती है।

नया तरीका डार्क मेटर खोजने का भारतीय मूल के अमेरिकी प्रोफेसर ने बताया

भारतीय मूल के अमेरिकी एक प्रोफेसर ने अपनी टीम के साथ एक ऐसा नया तरीका खोजा है जो ऐसी आकाशगंगाओं को खोजने में मदद करेगा जिसमे डार्क मेटर की बहुतायत है। न्यूयार्क के रोसेस्टर इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी की प्रोफेसर सुकन्या चक्रवर्ती ने आकाशगंगाओं की आरूणि संरचनाओं और द्रव्यमान को मापने के लिए आकाशगंगा की डिस्क की तरंगों का इतेमाल किया।

जिस तरह से डार्क मेटर के जानने के प्रयासों में हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं तो लगता है की हम जल्दी ही उसे और उसके रहस्यों को खोज लेंगे और तब श्हयद हमारा ब्रह्माण्ड को देखने का नजरिया ही बदल जाएगा।

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